Sunday, March 9, 2014

Narinder K.Singh नरिन्दर के सिंह


a lama's temple
pilgrims circumambulating
a dog too

एक लामा के मंदिर में
श्रद्धालु परिक्रमा कर रहे
एक कुत्ता भी






even in a quilt
the chill sneaks in bones
when we separate

रज़ाई में भी
ठंड घुस जाती है हडि्डयों में
जब हम अलग हो जाते हैं






alone I go
along the mighty Ganga
to shed my i

अकेला मैं चल पड़ा
विशाल गंगा के साथ
अपना अहम फेंकने






full moon
how lovely to look
through your dappled hair

देकने में पूर्ण चंद्रमा
कितना सुन्दर लग रहा है
तुम्हारे चितकबरे बालों के बीच





long wait,
one by one falling leaves
swell to a mound
लम्बी प्रतीक्षा,
एक के बाद एक गिरते पत्ते
उभर गये ढेर में



-Narinder K.Singh / नरिन्दर के सिंह

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